बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा है तो क्या करें? | Business me Saflta Kaise Paye?

दोस्तों, आज हम जानेगे कि अगर बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा है तो क्या करें?

यहाँ हम डिसकस करेंगे कि….. बिज़नेस नहीं चल रहा है तो क्या करें?

बिज़नेस में सफलता के लिए क्या करें?

तो एक बड़ा सवाल है कि इस सिचुएशन में क्या करना चाहिए?

देखिये, इसे एक सिंपल बहुत ही साधारण लेकिन बहुत ही कारगार तरीके से समझिये कि-
एक जहाज में अगर दिशा सूचक यंत्र ना हो तो वह लहरों के थपेड़े की वजह से अपने सही रास्ते और सही लक्ष्य से भटक जाता है।

बिल्कुल वैसा ही बिज़नेस, व्यापार, या दुकान चलाने के लिए हम जो व्यवहार और तकनीक का इस्तेमाल करते हैं वह हमारे कस्टमर को भाता नहीं हैं

या
यूँ कहें कि उसे अच्छा नहीं लगता।

जाने अनजाने में हमारी नेगेटिव बातों से, रवैया से, मोल भाव करने के तरीके से, सही जानकारी के अभाव में वक्त के साथ ग्राहकों में, प्रॉफिट में गिरावट आने लगती है।

जो कि हमारे व्यापार को ग्रोथ दिलाने में सहायक नहीं होता और हमारे बिज़नेस के लिए लाभदायक सिद्ध नहीं होती।
जिसकी वजह से हम सफलता की ओर नहीं पहुंच पते।

इसलिए हमें अपने गलत रवैये, काम करने के तरीको में समय-समय पर बदलाव करने की जरूरत होती है।

कई बार हमें यह एहसास भी होता है, लेकिन समझ नहीं आता कि क्या करें? और कहां से शुरुआत करें?

तो मैं आज आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहा हूं, जो आपके व्यापार की सही रणनीति तैयार करने और बिज़नेस को चलाने में सहायक हो सकते है।

 

नंबर एक पॉइंट (Point No. 1) –
सबसे पहले अपनी कमियों को तलाश करना चाहिए।

क्या करना चाहिए…….
इसका निर्णय भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि यह निर्णय लेना कि…….. क्या करना है?


तो आप इन बातो पर गौर करें, जैसे कि –

  • क्या आपके बिज़नेस/ ऑफिस’/ दुकान में आने का टाइमिंग सही है ?
  • क्या जब आप बिज़नेस/ ऑफिस’/ दुकान में रहते हैं तो आपका ध्यान इधर-उधर अन्य चीजों पर भटकता है?
  • क्या आप बिज़नेस/ ऑफिस/ दुकान में रहते हुए आपके दोस्त ज्यादा आ-जा रहे हैं
  • और बेकार के गप-शप कर के आपका समय बर्बाद करते हैं ?
  • क्या आप मोबाइल पर टाइम पास करने वाली चीजों पर अपना वक्त बर्बाद करते हैं?
  • क्या आपको ग्राहकों के मामूली सी गलतियों पर गुस्सा आता है?
  • क्या आपको भी अपने व्यापारियों से उधार लेकर पैसा लटकाने की आदत है?
  • क्या ग्राहकों से रूखेपन या अकड़ कर बात करने की आदत है?
  • क्या आपको नई स्किल्स को सिखाने में बोरिंग लगता है?

इस तरह की कोई भी आदत अगर आप में है तो सबसे पहले स्वयं में बदलाव करें। यह सबसे पहला स्टेप है।

क्योंकि ऐसी आदतें आपको मार्केट में पॉपुलर होने से या बेहतर इमेज बनाने से रुकती है। क्योंकि लोग लोगों को मार्केट के उन्ही व्यापारियों का नाम सजेस्ट करते हैं जिनकी इमेज उन्हें ज्यादा अच्छी लगती है।


बिज़नेस नहीं चल रहा है तो क्या करें सफलता के लिए,में सफलता के लिए,


दूसरा स्टेप (Point No. 2) है-
खुद की समीक्षा करना

देखिये खुद की समीक्षा करना बहुत ही जरुरी है ताकि इस बात का पता चल सके कि बिज़नेस ठीक से क्यों नहीं चल रहा है?
किसी ने क्या खूब कहा है – “छोटे-छोटे स्टेप्स से ही एक दिन बड़ी सफलता जरूर मिलती है। ”

  • आपकी बदलने की इच्छा, बस आपकी वहीं एक जगह रहने की इच्छा से बड़ी होनी चाहिए। मतलब कि आप में बदलाव लाने की इच्छा होनी चाहिए।
  • आपको बिज़नेस/ व्यापार करते एक साल, दो साल, पाँच साल भी हुए हों तो भी आपको व्यापार करने के बहुत सारे तकनीको के बारे में जरूर पता होना चाहिए।

    जब भी आपको वक्त मिले तो नए नए तरीके को अपनी डायरी में या किसी कागज पर लिखें और फिर अपने आप से सवाल कीजिए कि कितने तरीकों को आप इस्तेमाल करते हैं?
  • जैसे कस्टमर अट्रैक्शन के तरीके,
  • जैसे कि – Banner लगाना,
  • बोर्ड लगाना,
  • पंपलेट या स्टीकर चिपकाना,
  • विजिटिंग कार्ड यूज़ करना ,
  • ऑफर्स चलाना,
  • डिस्काउंट देना,
  • गूगल में बिज़नेस को लिस्ट करना,
  • लोगों से फीडबैक लेना,
  • कस्टमर और उसे बेचे गए प्रोडक्ट के साथ सेल्फी लेना,
  • फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना,
  • अपने प्रोडक्ट का रिव्यू पोस्ट करने के लिए सोशल मीडिया का यूज़ करना आदि जैसे

इन तरीकों का इस्तेमाल नहीं करते तो अपने आप से सवाल कीजिए कि क्यों नहीं करते ?

अगर इनमें आपको दोष या बुराई नजर आती है, तो जरा यह सोचिए कि दूसरे लोग इन तरीकों को क्यों यूज़ करते हैं ?

अगर उनके लिए वह तरीका फायदेमंद है तो आपके लिए फायदेमंद क्यों नहीं हो सकता ?

बस आपको यह समझना होगा कि इसे आप कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।

दूसरी बात, किसी भी तकनीक को नए और पुराने की नजरिये से देखना बंद करें।
वक्त और जरूरत के हिसाब से हर तकनीक काम करती है क्योंकि बंद घड़ी भी दिन में दो बार सही टाइम जरूर बतलाती है।
इसीलिए तो कहते हैं कि बिजनेस शुरू करना आसान है लेकिन उसे चलते रहना एक कला है।


पॉइंट नंबर 3 (Point No. 3)

ग्राहक तो आते हैं पर दोबारा क्यों नहीं आते

देखिये अगर लोग आपको पसंद करेंगे तो आपकी बात सुनेंगे, लेकिन अगर वह आप पर भरोसा करेंगे तो वह क्या आपके साथ बिज़नेस करेंगे ?

तो कमी ग्राहक में नहीं, कमी आपके प्रोडक्ट/ सामान में नहीं,
कमी आपके प्रोडक्ट की कीमत में नहीं कमी है तो……

आपके कनेक्टिविटी में है कि आप दिल से जोड़ नहीं पाते ग्राहकों को।

जो वस्तु बेचते हैं उसके फायदे के बारे में बता नहीं पाते, समझा नहीं पाते।

हो सकता है आप कुछ ऐसा वाक्य ग्राहक को बोल नहीं पाते जो उनके मन में आपके प्रति विश्वास को मजबूत करें।

जैसे कि हो सकता है कि हर नए ग्राहक के साथ एक अच्छा रिलेशनशिप नहीं बन पाता।

हो सकता है कि दूसरे या तीसरी बार आने वाले व्यक्ति को आप पहचान नहीं पाते हो।

जो ग्राहक दूसरी बार आपके ऑफिस या दूकान में कदम रखता हो, आपको कम से कम उसका नाम जरूर मालूम होना चाहिए

ताकि तीसरी बार जब वो आए तो आप उन्हें सम्मान के साथ उनके नाम से संबोधित कर सके।

इससे लोगों को अपनापन महसूस होता है और वे दिल से आपके बिज़नेस के साथ जुड़ने की कोशिश करते हैं।


पॉइंट नंबर 4 (Point No.4)
मार्केट में कीमत कम है तो आप कम कीमत में कैसे बेच सकते हैं?

देखिये, केवल पैसा कमाने के उद्देश्य से बिजनेस ना करें बल्कि बिजनेस को अपना जुनून बना लीजिए।
कुछ अलग करके दिखाने के लिए व्यापारियों से रिलेशन हर हाल में अच्छा रखें लेकिन अपने फायदे और नुकसान के बारे में सतर्क रहें।
आपको किसी दूसरे व्यापारी के भरोसे रखकर आंखे बंद कर खरीदारी करने की आदत को बदलना होगा।

जब तक ट्राई नहीं करेंगे सस्ता खरीदारी नहीं होगा। जब खरीदारी सस्ते में नहीं होगा तो सस्ते में बेचेंगे कैसे और सस्ता बेचने की कोशिश नहीं करेंगे तो ग्राहक आएंगे कैसे?

जरा ठंडे दिमाग से मेरी इस बात को जरूर सोचें।

किसी कस्टमर से ₹50 कमा रहे हैं और जो ग्राहक आपकी खरीदी कीमत पर देने की जिद कर रहा है और प्रोडक्ट में अगर ₹5 का नुकसान होने वाला हो तब भी उसे एक वस्तु (Item) को नुकसान में बेचकर 45 रुपए कमाए जा सकता है।

जब लोग चौंकाने वाली कीमतों पर यानि कि कम कीमत पर वस्तु मिलने की बातें करते हैं तब समझ लीजिए कि……..
दूसरा व्यापारी कस्टमर को आकर्षित करने के लिए इसी तरह एक प्लानिंग के तहत कीमत कम लगता है।

अपना टारगेट सेट करें किसी ने क्या खूब कहा है –
“अगर आप पैसों से ज्यादा सीखने पर फोकस करेंगे तो आपको सफलता जल्दी प्राप्त हो सकती है और
पैसा आपके सफल कार्य के पीछे दौड़ता चला आएगा। “

अगर आपके बिज़नेस प्रोडक्ट/ सर्विस की बिक्री 20,000 है तो सोचे कि आज मैं 25,000 की सेल कैसे करूं? यह कैसे होगा?

इसके लिए, आने वाले हर ग्राहक को एक नयी वस्तु एक्स्ट्रा बेचने की कोशिश कीजिए। अगर आपके मौजूदा कस्टमर्स /ग्राहक में से 10% से 20 % ग्राहकों को भी अगर आप एक्स्ट्रा सामान बेचने में कामयाब हो जाते हैं तो आपकी सेल आसानी से बढ़ सकती हैं।
आप क्रॉस सेलिंग के द्वारा भी सेल को बढ़ा सकते है।


Point नंबर 5

ग्राहक कम आते हैं तो ?

अगर ग्राहक कम आते हैं तो असफल होने से ना डरे।

बिज़नेस शॉप, ऑफिस में ग्राहक काम आ रहे हैं। इसका मतलब खाली बैठना पड़ता है। मतलब समय जरूर घंटा दो घंटा किसी न किसी तरीके से वेस्ट जरूर होता होगा।
इसी टाइम को यूज करके प्लान बनाया जा सकता है कि क्या-क्या काम ऐसा है जिसे करने से व्यापार में सुधार संभव हो सकता है, या

जिससे लोग आपके बिज़नेस की ओर आकर्षित होंगे।
आप स्वयं से इस तरह का सवाल कर सकते हैं।

  • लोगों को अट्रैक्ट करने के लिए क्या-क्या करना जरूरी है ?
  • क्या मुझे अपने व्यवहार में बदलाव की जरूरत है?
  • प्रोडक्ट को और बेहतर ढंग से कैसे एक्सप्लेन कर सकता हूं?
  • मैं अपने ऑफिस या शोरूम,/ शॉप/दुकान को अट्रैक्टिव कैसे बना सकता हूं ?
  • मुझे डिमांड के हिसाब से एक किन-किन वैराइटीज को बढ़ाने की जरूरत है?

ऐसे सवाल जब आप स्वयं से करेंगे तो दिमाग वर्किंग पावर बढ़ने लगता है। नए विचार आते हैं और सॉल्यूशन भी नजर आने लगता है।

 

पॉइंट नम्बर 6 (Point No.6)
सच में उत्साह होना/ मोटीवेट रहना

जिंदगी में कुछ बड़ा करने के लिए खुद को मोटिवेट करते रहना पड़ता है।
इसके कई तरीके हैं किताबें पढ़कर,ऑडियो सुनकर, वीडियो देखकर या सेमिनार में भाग लेकर।

लेकिन सबसे ज्यादा बेहतर मोटिवेशन मिलता है- कुछ नया, कुछ अलग कार्य करने से। ………
………..वह छोटे से छोटा काम भी हो सकता है और बड़ी प्लानिंग भी हो सकती है।

देखिये मैं तो यही कहूंगा कि-

“एलइडी बल्ब की तरह किसी दूसरे की शक्ति से खुद को मोटिवेट करने के बजाय सूरज की तरह अपने अंदर की ऊर्जा से खुद को मोटिवेट करना ज्यादा बेहतर होता है।”

  • आप प्रेक्टिकल करके देख लेना सुबह-सुबह जब आप अपने बिज़नेस लोकेशन, ऑफिस, शॉप कहीं पर भी जाएँ तो पहले पांच कस्टमर में से किसी एक- दो ग्राहकों की आप दिल से तारीफ करके देख लीजिए, पूरा दिन अच्छा गुजरेगा और सृजनात्मक/ क्रिएटिव विचार मन में आएंगे।
  • जरा सोचिए, कि कौन-कौन से अच्छे ग्राहक हैं जो पिछले एक माह से आपके ऑफिस या दुकान के टच में नहीं आए हैं?
  • उन्हें कॉल करके हाल-चाल पूछ सकते हैं। साथ ही ना आने का कारण पता लगा सकते हैं। अगर उन्हें कोई प्रॉब्लम हो तो आप इसका सॉल्यूशन भी दे सकते हैं।
  • कोई अलमारी जिसकी कई दिनों से सफाई नहीं हुयी हो, तो जब बोरिंग लगने लगे या दिमाग अपसेट हो तो उस के समान को हटाकर बस सफाई करके दोबारा सामानों को रख दीजिए। इतना करने से आपका मूड तुरंत बदल जाएगा।
  • कई नए विचारों का जन्म होने लगेगा।किसी समस्या का समाधान नहीं मिल रहा हो तो उसे कागज पर लिखकर ऐसी जगह पर रख दीजिए जहां बार-बार नज़र पड़े जब-जब आपकी नजर पड़े।
  • एक नया आईडिया एक नया विचार आपके सामने आएगा और इस तरह किसी दूसरे व्यक्ति से सलाह लिए बिना भी सही विकल्प तक पहुंचाने का रास्ता आपको मिल सकता है।


अंत में एक लाइन आपके लिए
,
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धन्यवाद् !
हमेशा खुश रहें और दुसरो को भी ख़ुशी दें।

Dr. Harry Bhagria
Life, Career and Business Success Coach